Friday, March 27, 2015

Beauty tips for Common Face Problems | Beauty tips for Pimple/Acne:(दाना / मुँहासे के लिए ब्यूटी टिप्स)


मुँहासे blemishes से सूजन पर त्वचा की वर्णक उत्पादक कोशिकाओं को उत्तेजित और उन्हें बहुत अधिक मेलेनिन पैदा करने के लिए पैदा कर सकता है। Blemishes को स्पष्ट करने के बाद, वे अक्सर पद भड़काऊ हाइपर pigmentation के रूप में जाना जाता है कि त्वचा पर छोटे, अंधेरे blotches के पीछे छोड़ दें।

गहरे रंग की त्वचा टन में मेलेनिन के उच्च स्तर के कारण, रंग के लोगों के बाद मुँहासे त्वचा discolorations के विकास के लिए विशेष रूप से अतिसंवेदनशील होते हैं। इन काले धब्बे अपने दम पर अंततः फीका, वहीं कई उपायों की प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद करने के लिए लिया जा सकता है।


Beauty Tips for Daily Skin Care Routine:(दैनिक त्वचा देखभाल दिनचर्या के लिए ब्यूटी टिप्स)



यह स्वस्थ और साफ रहने के लिए कोई फर्क नहीं पड़ता आपकी त्वचा के प्रकार आपकी त्वचा साफ है कि यकीन कर रही है, क्या अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपकी त्वचा की देखभाल नियमित खेलने के लिए आता है जहां यह है। मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने और आप और अधिक गंदगी संचय करने के लिए खुले pores नहीं छोड़ कर सुनिश्चित करें कि, जिससे दैनिक जीवन की गंदगी और जमी हुई मल की त्वचा की सफाई के लिए आवश्यक है। हम सभी जानते हैं कि यह प्रक्रिया सफाई, स्क्रबिंग / exfoliating, टोनिंग और मॉइस्चराइजिंग भी शामिल है।

यहाँ अकेले या उनके अलग अलग त्वचा की देखभाल के गुणों के लिए संयोजन में इस्तेमाल किया जा सकता है कि ब्यूटी टिप्स और प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों में से कुछ हैं।

Beauty tips for combination skin:(संयोजन त्वचा के लिए ब्यूटी टिप्स)


इस के साथ, हम तेल और सूखी त्वचा के प्रकार के अच्छे और बुरे गुण दोनों को मिलता है! संयोजन त्वचा आमतौर पर विशेष रूप से गाल पर -इस माथे, नाक, ठोड़ी क्षेत्र और सूखी त्वचा विशेषताओं यानी टी-जोन, खुजली, flakiness, लालिमा में बड़े pores, एक निरंतर चमक, और breakouts होने दोनों तेल विशेषताओं का एक मिश्रण है।


आम परेशानियों:

आप त्वचा के प्रकार और अधिक प्रभावी है, जो भी जलवायु परिस्थितियों के आधार पर दोनों प्रकार की त्वचा की परेशानियों का सामना करेगा।

सरल नुस्खे:

एक तेल त्वचा के प्रकार है, तो आपके हार्मोन आप संयोजन त्वचा के साथ खत्म होता है या नहीं, पर एक महान प्रभाव खेलते हैं। यहाँ आप यह आपकी त्वचा लग रही मदद और बेहतर महसूस कर सकते हैं कुछ बहुत ही बुनियादी बातें कर रहे हैं।
किसी भी प्रकार के संक्रमण को पकड़ने से तेल क्षेत्रों को रोकने के लिए सभी समय पर अपने चेहरे को साफ रखें।
आप के लिए एकदम सही moisturizer के लिए शिकार करते है। हमेशा oiliness और सूखापन की डिग्री में बदलाव नहीं होगा के रूप में ये इस प्रकार की त्वचा के साथ लोगों के लिए एक ही कभी नहीं हो सकता। और अगर आप इसे पा लेते हैं, तो बदल नहीं है!
जलवायु परिस्थितियों को अपनी खाल प्रतिक्रिया के आधार पर moisturizer की उचित मात्रा में प्रयोग करें। बहुत ज्यादा moisturization शुष्क क्षेत्र के साथ समस्या पैदा हो जाएगी तेल क्षेत्र और इसके बारे में कम के साथ समस्या पैदा हो जाएगी।

Thursday, March 26, 2015

बुरी आदतें सेहत के लिए खतरे की घंटी (Health Tips: Bad Habits threat to health)


युवाओं में आहार से जुड़ी बुरी आदतें सेहत के लिए खतरे की घंटी हो सकती हैं। लेकिन इन्हें चाहकर भी बदलना आसान नहीं होता। इसलिए सारी आदतों को एक साथ बदलने का प्रयास न करें। एक-एक करके आदतों को बदला जा सकता है। सभी आदतों को एक समय में बदलने की कोशिश में सफलता नहीं मिलती और ऐसा व्यक्ति निराश हो सकता है। किसी व्यक्ति में बेड टी यानि सुबह-सुबह बिस्तर पर चाय पीना, जंक फूड का अधिक सेवन, कम पानी पीना, भोजन में फाइबर डाइट न लेना और बाहर की खुली वस्तुएँ खाने की बुरी आदतें हो सकती हैं।

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सभी आदतों को एक साथ बदलना सरल नहीं है इसलिए पहले बुरी हैबिट का चुनाव करें और इसे बदलने का प्रयास करें। एक आदत बदलने के बाद दूसरी आदत बदलने की कोशिश करें। 
बेड टी है बैड हैबिट  
बेड टी की आदत से शरीर में एसीडिटी और गैस की समस्या हो सकती है। इसलिए बेड टी की जगह कुनकुने पानी में शहद या नीबू का रस मिलाकर पिएं। इससे पाचन क्रिया सही रहेगी, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी और ब्लड सर्क्यूलेशन भी संतुलित रहेगा। इसके एक घंटे बाद चाय का सेवन करें। इस आदत को छोड़ने के बाद जब तक आप श्योर न हो जाएँ तब तक दूसरी आदत को बदलने का न सोचें।
जंक फूड से खुद को बचाएं   
शाम के समय नमकीन, पिज्जा, बर्गर व पेटीस खाना भी एक बुरी आदत है। इनके सेवन से शरीर को किसी प्रकार का न्यूट्रीशन प्राप्त नहीं होता है केवल पेट भरता है। यह मोटापा बढ़ने व भोजन में रूचि कम होने की समस्या भी पैदा करते हैं। शाम को यदि भूख महसूस हो तो फास्ट फूड या जंक फूड की जगह फलों का सेवन करें जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं।
खूब पिएं पानी  
कम पानी पीने से कॉन्स्टिपेशन, बदहजमी, पेट की समस्या, जलन, थकान जैसी बीमारियां उत्पन्न होती हैं। दिन भर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए। 
फाइबर है जरूरी  
भोजन में रेशेदार पदार्थों का सेवन न करना भी आहार की दृष्टि से बुरी आदतों में शुमार होता है। इसलिए ब्रेड, बिस्किट आदि की जगह-रोटी व दलिया, सब्जियों के सूप की जगह-कच्ची सलाद व फलों के रस की जगह-पूरे फल का सेवन करें। इन सभी चीजों को धीरे-धीरे अपने आहार में शामिल करें ताकि बुरी आदतों को बदला जा सके।

क्या फट रही है पैरों की एड़ियां, आजमाएं नुस्खा (What is torn ankle foot, try the recipe)


शरीर में उष्णता या खुश्की बढ़ जाने, नंगे पैर चलने-फिरने, खून की कमी, तेज ठंड के प्रभाव से तथा धूल-मिट्टी से पैर की एड़ियां फट जाती हैं। यदि इनकी देखभाल न की जाए तो ये ज्यादा फट जाती हैं और इनसे खून आने लगता है, ये बहुत दर्द करती हैं।

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अमचूर का तेल 50 ग्राम, मोम 20 ग्राम, सत्यानाशी के बीजों का पावडर 10 ग्राम और शुद्ध घी 25 ग्राम। सबको मिलाकर एक जान कर लें और शीशी में भर लें। सोते समय पैरों को धोकर साफ कर लें और पोंछकर यह दवा बिवाई में भर दें और ऊपर से मोजे पहनकर सो जाएं । कुछ दिनों में बिवाई दूर हो जाएगी, तलवों की त्वचा साफ, चिकनी व साफ हो जाएगी। त्रिफला चूर्ण को खाने के तेल में तलकर मल्हम जैसा गाढ़ा कर लें। इसे सोते समय बिवाइयों में लगाने से थोड़े ही दिनों में बिवाइयां दूर हो जाती हैं।  

मीठा सेब दूर करता है दिमाग की कमजोरी (Sweet Apple removes weakness of mind)


मस्तिष्क की कमजोरी दूर करने के लिए सेब एक अचूक इलाज है। ऐसे रोगी को प्रतिदिन एक सेब खाने को दें। इसके अतिरिक्त रोगी को दोपहर तथा रात को भोजन में कच्चे सेब की सब्जी दें।

शाम को एक गिलास सेब का रस दें तथा रात को सोने से पूर्व एक पका मीठा सेब खिलाएं। इससे एक महीने में ही रोगी की दशा में सुधार आने लगता है।
जिन लोगों की आंखें कमजोर हैं उन्हें एक ताजा सेब की पुल्टिस कुछ दिनों तक आंखों पर बांधनी चाहिए। यदि भोजन के साथ प्रतिदिन ताजा मक्खन तथा मीठा सेब खाएं तो नेत्र ज्योति तो तेज होती ही है साथ ही दस्त व पेशाब खुलकर आता है तथा चेहरा सुर्ख हो जाता है। 
हर दिन एक सेब खाने से कमर की चर्बी बढ़ने की संभावना भी करीब 21 प्रतिशत तक कम हो जाती है। 

Two apples per day
Two apples per day
सेब में विटामिन ए व सी, कैल्शियम, पोटेशियम और फाइबर बहुतायत में होता है। ये वे पोषक तत्व हैं जो हमें सेहतमंद बनाते हैं। 
इसमें प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स छुपे हैं। लाल सेब में तो सेब की अन्य प्रजातियों की तुलना में सबसे ज्यादा एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। इस वजह से लाल सेब कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और पार्किंसन व अल्जाइमर जैसी बीमारी में बहुत लाभकारी रहता है।

(Basil: Infallible Household Drug) तुलसी : अचूक घरेलू औषधि


जो व्यक्ति प्रतिदिन तुलसी की मात्र 5 पत्तियां खाता है, वह कई बीमारियों से बच सकता है। प्रातःकाल खाली पेट 2-3 चम्मच तुलसी के रस का सेवन करें तो शारीरिक बल एवं स्मरण शक्ति में वृद्धि के साथ-साथ आपका व्यक्तित्व भी प्रभावशाली होगा।



यदि तुलसी की 11 पत्तियों का 4 खड़ी कालीमिर्च के साथ सेवन किया जाए तो मलेरिया एवं मियादी बुखार ठीक किए जा सकते हैं। तुलसी रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नियंत्रित करने की क्षमता रखती है। शरीर के वजन को नियंत्रित रखने हेतु भी तुलसी अत्यंत गुणकारी है।

इसके नियमित सेवन से भारी व्यक्ति का वजन घटता है एवं पतले व्यक्ति का वजन बढ़ता है यानी तुलसी शरीर का वजन आनुपातिक रूप से नियंत्रित करती है।

तुलसी के रस की कुछ बूंदों में थोड़ा-सा नमक मिलाकर बेहोश व्यक्ति की नाक में डालने से उसे शीघ्र होश आ जाता है।

चाय बनाते समय तुलसी के कुछ पत्ते साथ में उबाल लिए जाए तो सर्दी, बुखार एवं मांसपेशियों के दर्द में राहत मिलती है। 10 ग्राम तुलसी के रस को 5 ग्राम शहद के साथ सेवन करने से हिचकी एवं अस्थमा के रोगी को ठीक किया जा सकता है।