Wednesday, July 1, 2015

दमकती सुन्दर त्वचा के लिए कुछ घरेलु असरकारक टिप्स



भारत में गोरेपन को खूबसूरती का पैमाना माना जाता है। इसी खूबसूरती को हासिल करने के लिए तरह-तरह के उपाय भी किए जाते हैं। महंगी से महंगी क्रीम, लोशन आदि सबका उपयोग किया जाता है। लेकिन यह भी सच है कि रंगत केवल एक ही रात में नही बदली जा सकती इसमें समय लगता है। अगर आप भी अपनी रंगत को गोरा करना चाहते है तो घर में उपलब्‍ध चीजों की सहायता से ऐसा किया जा सकता है।

आइए जानें घरेलू उपायों के बारें में-


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दमकती सुन्दर त्वचा के लिए कुछ घरेलु असरकारक टिप्स।

भारत में गोरेपन को खूबसूरती का पैमाना माना जाता है। इसी खूबसूरती को हासिल करने के लिए तरह-तरह के उपाय भी किए जाते हैं। महंगी से महंगी क्रीम, लोशन आदि सबका उपयोग किया जाता है। लेकिन यह भी सच है कि रंगत केवल एक ही रात में नही बदली जा सकती इसमें समय लगता है। अगर आप भी अपनी रंगत को गोरा करना चाहते है तो घर में उपलब्‍ध चीजों की सहायता से ऐसा किया जा सकता है।

आइए जानें घरेलू उपायों के बारें में-

  1. एक बाल्टी ठण्डे या गुनगुने पानी में दो नींबू का रसमिलाकर गर्मियों में कुछ महीने तक नहाने से त्वचा का रंग निखरने लगता है।
  2. आंवले का मुरब्बा रोज खाने से दो-तीन महीने में ही रंग निखरने लगता है।
  3. गाजर का जूस आधा गिलास खाली पेट सुबह लेने से एक महीने में रंग निखरने लगता है।
  4. पेट को हमेशा ठीक रखें, कब्ज न रहने दें।
  5. अधिक से अधिक पानी पीएं।
  6. एक चम्मच त्रिफला चूर्ण नित्य गुनगुने पानी के साथ ले, 3 महीने में आपकी सुंदरता में चार चाँद लग जायेंगे।
  7. चाय कॉफी का सेवन कम करें।
  8. रोजाना सुबह शाम खाना खाने के बाद थोड़ी मात्रा में सोंफ खाने से खून साफ होने लगता है और त्वचा की रंगत बदलने लगती है।
  9. गोरी त्वचा पाने के घरेलू उबटन -
  10. इन सब उपायों के अलावा आप विभिन्न प्रकार के घरेलू उबटन लगा कर भी अपनी त्वचा की रंगत निखारी जा सकती है।
  11. हल्दी पैक- त्वचा की रंगत को निखारने के लिए हल्दी एक अच्छा तरीका है। पेस्ट बनाने के लिए हल्दी और बेसन या फिर आटे का प्रयोग करें। हल्दी में ताजी मलाई, दूध और आटा मिला कर गाढा पेस्ट बनाएं, इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट लगाएं और ठंडे पानी से धो लें।
  12. हनी आल्मड स्क्रब- बादाम भी रंगत निखारने का काम करता है। रात को 10 बादाम पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उसे छील कर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट में थोड़ा सा शहद मिलाएं और इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाकर स्क्रब करें।
  13. चंदन- गोरी रंगत देने के अलावा यह एलर्जी और पिंपल को भी दूर करता है। पेस्ट बनाने के लिए चंदन पाउडर में 1 चम्मच नींबू और टमाटर का रस मिलाएं और पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन में अच्छी तरह से लगाकर थोड़ी देर बाद ठंडे पानी से धो लें।
  14. केसर पैक- उबटन बनाने के लिए आपको दही और क्रीम में थोड़ा सा केसर मिला लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद इसे धो लें। केसर के इस उबटन से भी कुछ दिन में आपकी त्वचा गोरी होने लगेगी।
  15. चिरौंजी का पैक- गोरी रंगत के लिए मजीठ, हल्दी, चिरौंजी का पाउडर लें इसमें थोड़ा सा शहद, नींबू और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद चेहरा धो दें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का रंग निखर जाएगा।
  16. मसूर दाल पैक- मसूर की दाल का पाउडर लें इसमें नीबू का रस व कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बना लें। रोज इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं, सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। चेहरे का रंग निखर जाएगा।
  17. बेसन का उबटन- बेसन 2 चम्मच, सरसों का तेल 1 चम्मच और थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्ट बना लें। पूरे शरीर पर इस उबटन को लगा लें। कुछ देर बाद हाथ से रगड कर छुडाएं और स्नान करें। त्वचा गोरी व मुलायम हो जाएगी।
  18. इन सब घरेलू उपायों को अपना कर आप कुछ ही दिनों में स्वस्थ, सुंदर, चमकदार और गोरी त्वचा पा सकती है।

दमा (श्वास रोग ) Asthma – आयुर्वेदिक उपचार

दमा (श्वास रोग) अस्थमा-

आज के समय में दमा तेज़ी से स्त्री – पुरुष व बच्चों को अपना शिकार बना रहा है । साँस लेने में दिक्कत या कठिनाई महसूस होने को श्वास रोग कहते हैं । फेफड़ों की नलियों की छोटी-छोटी पेशियों में जब अकड़न युक्त संकुचन उत्पन्न होता है तो फेफड़ा, साँस को पूरी तरह अंदर अवशोषित नहीं कर पाता है जिससे रोगी पूरा श्वास खींचे बिना ही श्वास छोड़ने को विवश हो जाता है । इसी स्थिति को दमा या श्वास रोग कहते हैं ।
दमा को पूर्ण रूप से ठीक करने हेतु प्राणायाम का अभ्यास सर्वोत्तम है ।

विभिन्न औषधियों से दमे का उपचार :-


१- अदरक के रस में शहद मिलाकर चाटने से श्वास , खांसी व जुक़ाम में लाभ होता है ।
२- प्याज़ का रस , अदरक का रस , तुलसी के पत्तों का रस व शहद ३-३ ग्राम की मात्रा में लेकर सुबह-शाम सेवन करने से अस्थमा रोग नष्ट होता है ।
३- काली मिर्च – २० ग्राम , बादाम की गिरी – १०० ग्राम और खाण्ड – ५० ग्राम लें | तीनों को अलग – अलग बारीक़ पीस कर चूर्ण बना लें , फिर तीनों को अच्छी तरह से मिला लें | इस मिश्रण की एक चम्मच लें और रात को सोते समय गर्म दूध से लें , लाभ होगा ।
विशेष :- जिनको मधुमेह हो वे खाण्ड का प्रयोग न करें तथा जिनको अम्लपित्त [acidity ] हो वे काली मिर्च १० ग्राम की मात्रा में प्रयोग करें।

26 Tips गुर्दे की पथरी नाशक घरेलू उपचार

किडनी,,युरेटर या ब्ला्डर, में पथरी निर्माण होना एक भयंकर पीडादायक रोग है। मूत्र में पाये जाने वाले रासायनिक पदार्थों से मूत्र अन्गों में पथरी बनती है,जैसे युरिक एसिड,फ़स्फ़ोरस केल्शियम और ओ़क्झेलिक एसिड। जिन पदार्थों से पथरी निर्माण होती है उनमें केल्शियम ओक्झेलेट प्रमुख है। लगभग ९० प्रतिशत पथरी का निर्माण केल्शियम ओक्झेलेट से होताहै। गुर्दे की पथरी( kidney stone) का दर्द आमतौर पर बहुत भयंकर होता है। रोगी तडफ़ उठता है। पथरी जब अपने स्थान से नीचे की तरफ़ खिसकती है तब यह दर्द पैदा होताहै। पथरी गुर्दे से खिसक कर युरेटर और फ़िर युरिन ब्लाडर में आती है। पेशाब होने में कष्ट होता है,उल्टी मितली,पसीना होना और फ़िर ठड मेहसूस होना ,ये पथरी के समान्य लक्षण हैं।नुकीली पथरी से खरोंच लगने पर पेशाब में खून भी आता है।इस रोग में पेशाब थोड़ी मात्रा में कष्ट के साथ बार-बार आता है|
रोग के निदान के लिये सोनोग्राफ़ी करवाना चाहिये।वैसे तो विशिष्ठ हर्बल औषधियों से ३० एम एम तक की पथरी निकल जाती है लेकिन ४-५ एम एम तक की पथरी घरेलू नुस्खों के प्रयोग से समाप्त हो सकती हैं। मैं ऐसे ही कुछ सरल नुस्खे यहां प्रस्तुत कर रहा हूं।
१..तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच एक चम्मच शहद में मिलाकर जल्दी सबेरे लें। ऐसा ५-६ माह तक करने से छोटी पथरी निकल जाती है।
२) मूली के पत्तों का रस २०० एम एल दिन में २ बार लेने से पथरी रोग नष्ट होता है।
३) दो अन्जीर एक गिलास पानी मे उबालकर सुबह के वक्त पीयें। एक माह तक लेना जरूरी है।
४) नींबू के रस में स्टोन को घोलने की शक्ति होती है। एक नींबू का रस दिन में १-२ बार मामूली गरम जल में लेना चाहिये।
५) पानी में शरीर के विजातीय पदार्थों को बाहर निकालने की अद्भुत शक्ति होती है। गरमी में ४-५ लिटर और सर्द मौसम में ३-४ लिटर जल पीने की आदत बनावें।
६) दो तीन सेवफ़ल रोज खाने से पथरी रोग में लाभ मिलता है।
७) तरबूज में पानी की मात्रा ज्यादा होती है । जब तक उपलब्ध रहे रोज तरबूज खाएं। तरबूज में पुरुषों के लिये वियाग्रा गोली के समान काम- शक्ति वर्धक असर भी पाया गया है।
८) कुलथी की दाल का सूप पीने से पथरी निकलने के प्रमाण मिले है। २० ग्राम कुलथी दो कप पानी में उबालकर काढा बनालें। सुबह के वक्त और रात को सोने से पहिले पीयें।
९) शोध में पाया गया है कि विटमिन बी६ याने पायरीडोक्सीन के प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है और नई पथरी बनने पर भी रोक लगती है। १०० से १५० एम जी की खुराक कई महीनों तक लेने से पथरी रोग का स्थायी समाधान होता है।
१०. अंगूर में पोटेशियम और पानी की अधिकता होने से गुर्दे के रोगों लाभदायक सिद्ध हुआ है। इसमें अल्बुमिन और सोडियम कम होता है जो गुर्दे के लिये उत्तम है।
११. गाजर और मूली के बीज १०-१० ग्राम,गोखरू २० ग्राम,जवाखार और हजरूल यहूद ५-५ ग्राम लेकर पावडर बनालें और ४-४ ग्राम की पुडिया बनालें। एक खुराक प्रत: ६ बजे दूसरी ८ बजे और तीसरी शाम ४ बजे दूध-पानी की लस्सी के साथ लें। बहुत कारगर उपचार है|
१२) पथरी को गलाने के लिये चौलाई की सब्जी गुणकारी है। उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं।दिन में ३-४ बार यह उपक्रम करें।
१३) बथुआ की सब्जी आधा किलो लें। इसे ८०० मिलि पानी में उबालें। अब इसे कपडे या चाय की छलनी में छान लें। बथुआ की सब्जी भी भी इसमें अच्छी तरह मसलकर मिलालें। काली मिर्च आधा चम्मच और थोडा सा सेंधा नमक मिलाकर पीयें। दिन में ३-४ बार प्रयोग करते रहने से गुर्दे के विकार नष्ट होते हैं और पथरी निकल जाती है।
१४) प्याज में पथरी नाशक तत्व होते हैं। करीब ७० ग्राम प्याज को अच्छी तरह पीसकर या मिक्सर में चलाकर पेस्ट बनालें। इसे कपडे से निचोडकर रस निकालें। सुबह खाली पेट पीते रहने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।
१५) सूखे आंवले बारीक पीसलें। यह चूर्ण कटी हुई मूली पर लगाकर भली प्रकार चबाकर खाने से कुछ ही हफ़्तों में पथरी निकलने के प्रमाण मिले हैं।
१६) स्टूल पर चढकर १५-२० बार फ़र्श पर कूदें। पथरी नीचे खिसकेगी और पेशाब के रास्ते निकल जाएगी। निर्बल व्यक्ति यह प्रयोग न करें।
१७) मिश्री,सौंफ,सूखा धनिया सभी ५०-५० ग्राम की मात्रा में लेकर रात को डेढ़ लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए २४ घंटे बाद छानकर सौंफ, धनिया पीसकर यह पेस्ट पुन; तरल मिश्रण में घोलकर पीते रहने से मूत्र पथरी निकल जाती है|
१८) जवाखार:
गाय के दूध के लगभग 250 मिलीलीटर मट्ठे में 5 ग्राम जवाखार मिलाकर सुबह-शाम पीने से गुर्दे की पथरी खत्म होती है।
जवाखार और चीनी 2-2 ग्राम की मात्रा में लेकर पीसकर पानी के साथ खाने से पथरी टूट-टूटकर पेशाब के साथ निकल जाती है। इस मिश्रण को रोज सुबह-शाम खाने से आराम मिलता है।

१९) पालक:
100 मिलीलीटर नारियल का पानी लेकर, उसमें 10 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से 14 दिनों में पथरी खत्म हो जाती है।
पालक के साग का रस 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से पथरी में लाभ मिलता है।

२०) गोक्षुर:
गोक्षुर के बीजों का चूर्ण 3 से 6 ग्राम बकरी के दूध के साथ प्रतिदिन 2 बार खाने से पथरी खत्म होती है।
२१/ फिटकरी:
भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम दिन में 3 बार रोगी को पानी के साथ सेवन कराने से रोग ठीक होता है।
२२/ कमलीशोरा:
कमलीशोरा, गंधक और आमलासार 10-10 ग्राम अलग-अलग पीसकर मिला लें और हल्की आग पर गर्म करने के 1-1 ग्राम का आधा कप मूली के रस के साथ सुबह-शाम लेने से गुर्दे की पथरी में लाभ मिलता है।
२३/ आलू:

एक या दोनों गुर्दो में पथरी होने पर केवल आलू खाते रहने पर बहुत लाभ होता है। पथरी के रोगी को केवल आलू खिलाकर और बार-बार अधिक मात्रा में पानी पिलाते रहने से गुर्दे की पथरियां और रेत आसानी से निकल जाती हैं। आलू में मैग्नीशियम पाया जाता है जो पथरी को निकालता है तथा पथरी बनने से रोकता है।
२४/ तुलसी:
20 ग्राम तुलसी के सूखे पत्ते, 20 ग्राम अजवायन और 10 ग्राम सेंधानमक लेकर पॉउड़र बनाकर रख लें। यह 3 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से गुर्दे का तेज दर्द दूर होता है।
२५/ पके हुए प्याज का रस पीना पथरी निकालने के लिए बेहद लाभ प्रद उपाय है| दो मध्यम आकार के प्याज लेंकर भली प्रकार छीलें | एक गिलास जल में डालकर मध्यम आंच पर पकाएं| अब इस मिश्रण को मिक्सर में डालकर चलाएं | इस रस को छानकर पियें| ७ दिन तक यह उपचार करने से पथरी के टुकड़े निकल जाते हैं|
२६/ दस एम एम से अधिक आकार की पथरी मनी बेक गारंटी के साथ हर्बल ईलाज से नष्ट करने के लिये वैध्य दामोदर से 098267-95656 पर संपर्क किया जा सकता है।

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एक्जीमा, Eczema and Your Skin | Eczema Types, Symptoms, Causes

1.-- गोमूत्र से प्रतिदिन भिगोते रहो, उससे यह रोग दूर हो जाएगा|
दो - तीन मॉस तक करते रहने से जड़ से साफ हो जाता है |
साबुन नहीं लगाये जहाँ एक्जीमा हो

2--. माजूफल 5 नग, सुपारी 5 नग, करंज के दाने 5 नग, कुचले के दाने 5 नग और सौरही कौड़ी 5 नग, रस कूपर 20 ग्राम, सफेद खैर, मुर्दा शंख, छोटी इलायची के दाने तीनों 5-5 ग्राम। चमेली का तेल आवश्यक मात्रा में। (करंज को घियाकरंज डहरकरंज, घाणेराकरंज, कांटा करंज आदि नामों से पुकारा जाता है। इसका तेल निकाला जाता है।) सौरही कौड़ी वही है, जिससे बच्चे खेला करते हैं। ये सभी द्रव्य कच्ची जड़ी-बूटी बेचने वाली दुकान पर मिलते हैं।
निर्माण विधि : इन सभी पदार्थों को मिट्टी के एक कुल्हड़ में रखकर कुल्हड़ का मुँह मिट्टी से बने ढक्कन से ढंक कर, आटा गूँधकर, यह आटा ढक्कन के चारों तरफ लगाकर दरार बन्द कर दें और आग में रख दें। जब कुल्हड़ खूब लाल हो जाए तब सावधानी से निकाल लें और बिल्कुल ठंडा करके ढक्कन हटा दें।
इसमें रखे द्रव्य भस्म हो चुके होंगे सो यह भस्म सम्भाल कर निकाल लें और पीसकर महीन पावडर कर लें। अब रस कपूर आदि चारों द्रव्यों को पीसकर महीन पावडर करके भस्म में मिला लें और चूर्ण को कपड़े से छानकर इसमें चमेली का तेल इतनी मात्रा में मिलाएँ कि गाढ़ा मल्हम बन जाए। एक बात का खयाल रखें कि बालों में लगाने वाला चमेली हेयर ऑइल नहीं लेना है, बल्कि इत्र आदि बेचने वाले की दुकान से शुद्ध चमेली का तेल लेना है। 
इस मल्हम को सुबह-शाम एक्जीमा पर लगाएँ 4-5 दिन में लाभ होने लगेगा और लगभग एक डेढ़ मास में एक्जीमा जड़ से चला जाएगा।


शारीर का सूखकर काँटा होना / कैंसर की संभावना

1.भोजन में केवल काली (श्यामा) गाय का दूध और काली तुलसी की 20-25 पत्तिया मिलकर दिन में जब भी भूख लगे देवे . अतः ये जितना खा पी सके वही दूध और पत्ती दीजिये |

२.यदि स्वाद बदलने की इच्छा हो तो मूग की दाल का रस और जौ की रोटी दे सकते है|
नोट :- करीबन 6 माह तक लेने से शारीर पुन: लालिमा युकत हो जायेगा |

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ऐसी जानकारी जो शायद आपने पहले कभी नही पढ़ी होगी

1. दही को जल्दी और अच्छी जमाने के
लिए रात को जमाते वक्त दूध में
हरी मिर्च का डंठल तोड़ कर डाल दे !
दही जबरदस्त जमेगी||

2. अगर सब्जी में नमक
ज्यादा हो गया हो तो आटे को गूंथ
कर उसके छोटे - छोटे पेड़े ( लोइयां )
बना कर डाल दे नमक कम हो जायेगा||

3. प्याज को काट कर बल्ब या ट्यूब
लाईट के साथ बाँधने से मच्छर व
छिपकिली और मोर का पंख घर में
कहीं भी लगाने से केवल
छिपकिली नही आती यह आजमाए हुए
हैं.||

4. यदि फ्रिज में कोई भी खुशबू या बदबू
आती है तो आधा कटा हुआ निम्बू रखने
से ख़त्म हो जायेगी एक हज़ार बार
अजमाया हुआ है जी.||

5. चावल के उबलने के समय २ बूँद निम्बू के
रस की डाल दे चावल खिल जायेंगे और
चिपकेंगे नही||

6. चीनी के डब्बे में तीन या चार लौंग
डालने से चींटी नहीं आती ||

7. बरसातों के दिनों में अक्सर नमक
सूखा नही रह पाता वह सिल
( गीला गीला सा) जाता है आप नमक
की डिबिया में ४-५ चावल के दाने
डाल दें बहुत कम उसमे सीलापन आता है
तब.||

8. मेथी की कड़वाहट हटाने के लिये
थोड़ा सा नमक डालकर उसे थोड़ी देर
के लिये अलग रख दें||

9. आटा गूंधते समय पानी के साथ
थोड़ा सा दूध मिलाये। इससे
रोटी और पराठे का स्वाद बदल जाएगा


स्वास्थ्य के लिए हितकारी पीपल का मुरब्बा


पित्त-नाश व बलवृधि के लिए: पीपल के कोमल पत्तों का मुरब्बा बड़ी शक्ति देता है | इसके सेवन से शरीर की कई प्रकारकी गर्मी-संबंधी बीमारियाँ चली जाती है | यह किडनी की सफाई करता है | पेशाब खुलकर आता है | पित्त से होने वाली आँखों की जलन दूर होती है | यह गर्भाशय व मासिक संबंधी रोगों में लाभकारी है | इसके सेवन से गर्भपात का खतरा दूर हो जाता है |
  • पीपल के पत्ते ऐसे नहीं तोड़ना चाहिए | पहले पीपल देवता को प्रणाम करना कि ‘महाराज ! औषध के लिए हम आपकी सेवा लेते हैं, कृपा करना 
  • पीपल को काटना नहीं चाहिए | उसमें सात्विक देवत्व होता है |
  • मुरब्बा बनाने की विधि: पीपल के २५० ग्राम लाल कोमल पत्तों को पानी से धोकर उबाल लें, फिर पीसकर उसमें समभाग मिश्री व ५० ग्राम
  • देशी गाय का घी मिलाकर धीमी आँच पर सेंक लें | गाढ़ा होने पर ठंडा करके सुरक्षित किसी साफ बर्तन ( काँच की बरनी उत्तमहै ) में रख लें |
  • सेवन-विधि: १०-१० ग्राम सुबह-शाम दूध से लें |
  • हृदयमजबूत करने के लिए : १०-१२ ग्राम पीपल के कोमल पत्तों का रस और चोथाई चमम्च पीसी मिश्री सुबह-शाम लेने से हृदय मजबूत होता है, हृदयघात (हार्ट -अटैक) नहीं होता | इससे मिर्गी व मूर्च्छा की बीमारी में लाभ होता है |