Tuesday, June 30, 2015

कील मुंहासे झुर्रियां,मुहांसे दूर करने के उपाय

Nail acne, wrinkles, acne Shooting tips

आपके चांद जैसे पर चेहरे की दाग व झाइयां दूर करने के कुछ आसान उपाय
1-आपके चेहरे की झाइयां दूर करने के लिए आप नींबू, हल्दी और बेसन का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगा सकते हैं इस्को लगाने के 25-30 मिन्ट बाद इस लेप को मोसम अनुसार हलके गरम पाने से धो कर चेहरे पर गुलाब जल की की कुछ बुंद जरुर लगा लें इतना धयान जरूर रखें कि हलदी अपने हाथ से पिस्वाई गई हो । बजार से ली गई नकली या मिलावटी हलदी फ़ायदे की जगह नुकसान कर सकती है I

2-अगर संभव हो तो जोहड की काली मिटी अपने घर ला कर कूट पीस कार छान लें
इस छाअनी हुई मिटी मे से तकरीबन 100 ग्राम मिटी भिगो कर रात को सोने से 1 घंटा पहले लगा लें
तथा सोते वकत इस्को कुन्कने पानी से धो कर गुलाब जल लगा ले 20-25 दिन मे चमत्कार खुद देख लें
3-पके हुए पपीते के गुदे को चेहरे पर मसलने से भी चेहरे के दाग व झाइयां दूर हो जाती हैं इस प्र्योग को लगातार 50-60 दिन तक करना चाहीए।

चेहरे पर होने वाली झाइयां व दागो को दूर करने के लिए आवशक है कि आप पुरी तरह सवस्थ हो व आप्को किसी तरह कि मासिक दिक्कत,मान्सिक परेशानी, टेन्शन इत्यादी ना हो I
अगर आप किसी परेशानी मे हैं तो पहले अपनी उक्त परेशानी दूर करें व टेन्शन व मान्सिक परेशानी को भूल जाएं कयोकि अगर इसके सभी परिणाम बुरे है ओर यह किसी समस्या का निदान नही हैI
आपको हर रोज कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए । अगर हो सके तो नहर का पानी पीना चाहीए I

Rajesh Mishra's photo.

घरेलू उपायों से पीलिया से पाएं निजात

Get rid of domestic measures jaundice


पीलिया रोग के चलते बिल्कुल टूट जाता है और कमजोरी आ जाती है। ऎसे में डॉक्टर से परामर्श लेना तो जरूरी है ही लेकिन आप कुछ घरेलू उपाय अपनाकर भी पीलिया से बेहतर ढंग से मात दे सकते हैं। इससे पहले जानते हैं पीलिया के लक्षण के बारे में-
रोग के लक्षण
रक्त की कमी, त्वचा और आंखों का पीला होना। कमजोरी, सिरदर्द व बुखार, मिचली, भूख न लगना, थकावट, कब्ज, आंख-जीभ-त्वचा और पेशाब का रंग पीला होना।
कैसा हो खानपान
1. भोजन और नियमित व्यायाम करें। लेकिन स्थिति बेहद खराब हो तो आराम करना चाहिए।
2. पांच दिन उपवास करें और इस दौरान फल जैसे संतरा, नींबू, नाशपाती, अंगूर, गाजर, चुकंदर व गन्ने का रस पिएं।
3. उपवास के बाद सुबह उठते ही एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू निचोड़कर पिएं। नाश्ते में अंगूर, पपीता, नाशपती और गेहूं का दलिया लें।
4. रोगी को रोजाना गर्म पानी का एनीमा दें। इससे आंतों में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और रक्तसाफ होता है।
5. मुख्य भोजन में उबली हुई पालक, मैथी, गाजर, गेहूं की दो चपाती और एक गिलास छाछ लें।
6. दोपहर में नारियल का पानी ले।
7. रात के भोजन में एक कप उबली हुई सब्जियों का सूप, गेहूं की दो चपाती, उबले हुए आलू और हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे मेथी, पालक, बथुआ, सरसों आदि खाएं।
8. रात को सोने से पहले एक गिलास फैट फ्री दूध में दो चम्मच शहद मिलाकर लें।
9. प्रचुर मात्रा में हरी सब्जियों और फलों का जूस पिएं। नाशपाती खाने से लाभ होगा।
Rajesh Mishra's photo.

चेहरे पर दाग, निशान या झाइयां...करें सबका सूपड़ा साफ

Facial scar, mark or freckled ... all the rout


सूखी हल्दी की गाँठ को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से फेस के दाग-धब्बे तेजी से मिटने लगते हैं।
ड्राय स्कीन के दाग-धब्बे मिटाने के लिए दूध में चंदन की लकड़ी घिसकर लगाएँ।
ऑइली स्कीन के दाग-धब्बे मिटाने के लिए चंदन का पाउडर रोज-वाटर (गुलाब जल) में मिलाकर लगाएँ। यह नुस्खा विशेष रूप से हॉट सीजन में लाभकारी है।
चोट के निशान पर लाल चंदन हर रोज पानी में घिस कर लगाएँ 20 दिन में फर्क नजर आने लगेगा।
अक्सर पेट की गड़बड़ी से चेहरे 
टोमेटो में नींबू की दस-बारह ड्रॉप मिलाएँ इस मिश्रण को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे दूर होते हैं।पर दाग-धब्बे नजर आते हैं। अत: दिन में कम से कम तीन बार नींबू पानी पिएँ, कुछ ही हफ्तों में चेहरा चमकने लगेगा।

Rajesh Mishra's photo.

Monday, June 29, 2015

कड़ी पत्ता या मीठी नीम

Bay Leaves or sweet neem


अक्सर हम भोजन में से कढ़ी पत्ता निकाल कर अलग कर देते है. इससे हमें उसकी खुशबु तो मिलती है पर उसके गुणों का लाभ नहीं मिल पाता . कढ़ी पत्ते को धो कर छाया में सुखा कर उसका पावडर इस्तेमाल करने से बच्चे और बड़े भी भी इसे आसानी से खा लेते है .इस पावडर को हम छाछ और निम्बू पानी में भी मिला सकते है .इसे हम मसालों में , भेल में भी डाल सकते है .इसकी छाल भी औषधि है . हमें अपने घरों में इसका पौधा लगाना चाहिए और पड़ोसियों को भी इसका लाभ उठाने देना चाहिए . इससे कुछ अच्छा कार्य आपके खाते में जमा होगा .
- पाचन के लिए अच्छा, डायरिया, डिसेंट्री, पाइल्स, मन्दाग्नि में लाभकारी, मृदु रेचक .
- बालों के लिए बहुत उत्तम टॉनिक -सफ़ेद होने से और झड़ने से रोकता है .
- इसके पत्तों का पेस्ट बालों में लगाने से जुओं से छुटकारा मिलता है .
- पेन्क्रीआज़ के बीटा सेल्स को एक्टिवेट कर मधुमेह को नियंत्रित करता है .
- हरे पत्ते होने से आयरन , जिंक, कॉपर, केल्शियम, विटामिन ए और बी, अमीनो एसिड, फोलिक एसिड आदि तो इसमें होता ही है .
Rajesh Mishra's photo.

रोज एक चम्‍मच जीरे के सेवन से तीन गुना तेजी से कम होता है फैट

A teaspoon cumin daily intake is less than three times faster Fat


वजन कम करना एक समस्‍या की तरह है।
जीरे का सेवन रोज करने से घटता है वजन।
यह फैट के अवशोषण को बाधित करता है। 

जीरे के सेवन से पाचनतंत्र होता है दुरूस्त।

● जीरा, एक ऐसा मसाला है जो खाने में बेहतरीन स्वाद और खुशबू देता है। इसकी उपयोगिता केवल खाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी हैं। कई रोगों में दवा के रूप में इसका इस्‍तेमाल किया जाता है। जीरे में मैंगनीज, लौह तत्व, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है। इसे मेक्सीको, इंडिया और नार्थ अमेरिका में बहुत उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे खासियत यह है कि यह वजन तेजी से कम करता है। इस लेख में विस्‍तार से जानिये कैसे जीरे के सेवन से कम होता है वजन।
》 जीरा खाएं मोटापा घटाएं
वजन कम करने के लिए भी जीरा बहुत उपयोगी होता है। एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि जीरा पाउडर, के सेवन से शरीर मे वसा का अवशोषण कम होता है जिससे स्वाभाविक रूप से वजन कम करनें में मदद मिलती है। एक बड़ा चम्‍मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पिये। बचा हुआ जीरा भी चबा लें।
इसके रोजाना सेवन से शरीर के किसी भी कोने से अनावश्यक चर्बी शरीर से बाहर निकल जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखे की इस चूर्ण को लेने के बाद 1 घंटे तक कुछ न खायें। भुनी हुई हींग, काला नमक और जीरा समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें, इसे 1-3 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार दही के साथ लेने से भी मोटापा कम होता है। इसके सेवन से न केवल शरीर से अनावश्यक चर्बी दूर हो जाती है बल्कि शरीर में रक्त का परिसंचरण भी तेजी से होता है। और कोलेस्‍ट्रॉल भी घटता है।

》 इन बातों का भी रखें ध्यान
1) इस दवाई को लेने के बाद रात्रि में कोई दूसरी खाद्य-सामग्री नहीं खाएं। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तम्बाकू-गुटखा खाता या मांसाहार करता है तो उसे यह चीजें छोड़ने पर ही दवा फायदा पहुचाएंगी। शाम का भोजन करने के कम-से-कम दो घंटे बाद दवाई लेनी है।

2) जीरा हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर हमें ऊर्जावान रखता है। साथ ही यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी बढ़ता है। इससे ऊर्जा का स्‍तर भी बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म का स्‍तर भी तेज होता है। हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ फैट बर्न की गति को भी बढ़ाता है। पेट से सबंधित सभी तरह की समस्याओं में जीरे का सेवन लाभकारी है।
3) जीरे का नियमित इस्तेमाल शरीर की शोधन की प्रक्रिया को तेज करता है। मोटापा कम करने के अलावा भी जीरा कई तरह की बीमारियों में लाभदायक है।

Gurpreet Singh's photo.

मधुमेह को रोके :: विजयसार अम्रत रस है मधुमेह रोगियों के लिए

Diabetes is preventable :: marsupium Amrat juice for diabetics

 विजयसार नाम से एक लकड़ी है ये हमारे भारत में मध्य प्रदेश से लेकर पूरे दक्षिण भारत मे पाया जाता है। इसकी लकड़ी के टुकड़े हर जड़ी बूटी बेचने वाले पर आसानी से मिल जाते है। इसकी लकड़ी का रंग हल्का लाल रंग से गहरे लाल रंग का होता है।
* बाजार से आधा किलो विजयसार की लकड़ी के टुकड़े बाजार से ले आए। जिसमे घुन ना लगा हो। इसे लाकर सूखे कपड़े से साफ कर ले। अगर टुकड़े बड़े है तो उन्हे तोड़ कर छोटे (गेहु /चने के आकार के) टुकड़े बना ले।फिर आप एक मिट्टी का बर्तन ले और इस लकड़ी के छोटे छोटे टुकड़े लगभग पच्चीस ग्राम रात को दो कप या एक गिलास पानी में डाल दे । सुबह तक पानी का रंग लाल गहरा हो जाएगा ये पानी आप खाली पेट छानकर पी ले और दुबारा आप उसी लकड़ी को उतने ही पानी में डाल दे शाम को इस पानी को उबाल कर छान ले। फिर इसे ठंडा होने पर पी ले।
* इसकी मात्रा रोग के अनुसार घटा या बढ़ा भी सकते है अगर आप अग्रेजी दवा का प्रयोग कर रहे है तो एक दम न बंद करे बस धीरे -धीरे कम करते जाए अगर आप इंस्युलीन के इंजेक्शन प्रयोग करते है वह 1 सप्ताह बाद इंजेक्शन की मात्रा कम कर दे। हर सप्ताह मे इंस्युलीन की मात्रा 2-3 यूनिट कम कर दे।
* विजयसार की लकड़ी से बने गिलास में रात में पानी भर कर रख दिया जाता है सुबह भूखे पेट इस पानी को पी लिया जाता है विजयसार की लकड़ी में पाये जाने वाले तत्व रक्त में इन्सुलिन के स्राव को बढ़ाने में सहायता करते हैं l विजयसार को ना केवल आयुर्वेद बल्कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी डायबिटीज में बहुत उपयोगी मानता है
* प्रत्येक मधुमेह के रोगी को 15 दिन मे 1 बार पेट साफ की दवाई जरूर लेनी चाहिए।
* यह किसी को भी हानि नहीं करता केवल लाभ ही करता है. यह दवा सिर्फ 12 सप्ताह में मधुमेह को ठीक कर देती है।

Om Prakash's photo.

नाभि का टलना /हटना


Navel sidestep / Shrink:

आमतौर पर पुरुषों की नाभि बाईं ओर तथा स्त्रियों की नाभि दाईं ओर टला करती है।
यदि नाभि का स्पंदन ऊपर की तरफ चल रहा है याने छाती की तरफ तो यकृत प्लीहा आमाशय अग्नाशय की क्रिया हीनता होने लगती है ! इससे फेफड़ों-ह्रदय पर गलत प्रभाव होता है। मधुमेह, अस्थमा,ब्रोंकाइटिस -थायराइड मोटापा -वायु विकार घबराहट जैसी बीमारियाँ होने लगती हैं। 
यही नाभि मध्यमा स्तर से खिसककर नीचे अधो अंगों की तरफ चली जाए तो मलाशय-मूत्राशय -गर्भाशय आदि अंगों की क्रिया विकृत हो अतिसार-प्रमेह प्रदर -दुबलापन जैसे कई कष्ट साध्य रोग हो जाते है !फैलोपियन ट्यूब नहीं खुलती और इस कारण स्त्रियाँ गर्भधारण नहीं कर सकतीं। स्त्रियों के उपचार में नाभि को मध्यमा स्तर पर लाया जाये ! इससे कई वंध्या स्त्रियाँ भी गर्भधारण योग्य हो जाती है ।
बाईं ओर खिसकने से सर्दी-जुकाम, खाँसी,कफजनित रोग जल्दी-जल्दी होते हैं।

- दाहिनी तरफ हटने पर अग्नाशय -यकृत -प्लीहा क्रिया हीनता -पैत्तिक विकार श्लेष्म कला प्रदाह -क्षोभ -जलन छाले एसिडिटी [अम्लपित्त ]अपच अफारा हो सकती है।
प्रयोग .......
1*.दोनों हथेलियों को आपस में मिलाएं। हथेली के बीच की रेखा मिलने के बाद
जो उंगली छोटी हो यानी कि बाएं हाथ की उंगली छोटी है तो बायीं हाथ को
कोहनी से ऊपर दाएं हाथ से पकड़ लें। इसके बाद बाएं हाथ की मुट्ठि को कसकर
बंद कर हाथ को झटके से कंधे की ओर लाएं। ऐसा ८-१० बार करें। इससे नाभि
सेट हो जाएगी।ऐसा ही दाई और की नाभि टलने में करें !
२*.नाभि सेट करके पाँव के अंगूठों में चांदी की कड़ी भी पहिनाई जाती है !कमर पेट हमेशा कस कर बांधे जाने चाहिए !
३*.दो चम्मच पिसी सौंफ, ग़ुड में मिलाकर एक सप्ताह तक रोज खाने से नाभि का
अपनी जगह से खिसकना रुक जाता है
४.*सीधा (चित्त) सुलाकर उसकी नाभि के चारों ओर सूखे आँवले का आटा
बनाकर उसमें अदरक का रस मिलाकर बाँध दें एवं उसे दो घण्टे चित्त ही
सुलाकर रखें। दिन में दो बार यह प्रयोग करने से नाभि अपने स्थान पर आ
जाती है हैं।
५*.नाभि खिसक जाने पर व्यक्ति को हल्का सुपाच्य पथ्य देना चाहिए । दिन में एक-दो बार अदरक का 2 से 5 मिलिलीटर रस बराबर शहद मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। ११ काली मिर्च २०० ml पानी में २ TSF शक्कर डाल धीमी आंच उबाले ,१०० ml शेष रहने पर १ TSF घी डालकर पीना लाभ करता है !
६.* कमर के बल लेट जाएं और पादांगुष्ठनासास्पर्शासन कर लें। इसके लिए लेटकर बाएं पैर को घुटने से मोड़कर हाथों से पैर को पकड़ लें व पैर को खींचकर मुंह तक लाएं। सिर उठा लें व पैर का अंगूठा नाक से लगाने का प्रयास करें। जैसे छोटा बच्चा अपना पैर का अंगूठा मुंह में डालता है। कुछ देर इस आसन में रुकें फिर दूसरे पैर से भी यही करें। फिर दोनों पैरों से एक साथ यही अभ्यास कर लें। ३-३ बार करने के बाद नाभि सेट हो जाएगी। 

7 * कमर के बल लेटकर पेट की मालिश भी की जा सकती है। इसके लिए सरसों का तेल लेकर पेट पर लगाएं और नाभि स्पंदन जो ऊपर या साइड में सरक गया है, उस पर अंगूठे से दबाव डालते हुए नाभि केंद में लाने का प्रयास करें।
8* दो चम्मच पिसी सौंफ, ग़ुड में मिलाकर एक सप्ताह तक रोज खाने से नाभि का अपनी जगह से खिसकना रुक जाता है।
९.* नाभि खिसक जाने पर व्यक्ति को मूँगदाल की खिचड़ी के सिवाय कुछ न दें। दिन में एक-दो बार अदरक का 2 से 5 मिलिलीटर रस पिलाने से लाभ होता है।

10 * दो चम्मच पिसी सौंफ, ग़ुड में मिलाकर एक सप्ताह तक रोज खाने से नाभि का अपनी जगह से खिसकना रुक जाता है।

Om Prakash's photo.