Thursday, August 6, 2015

रात में पैरों की ऐंठन को दूर करे (Foot cramps at night to clean up)

पैरों और टांगों में नसों का ऐंठना फूलना (Squirm of nerves in the feet and legs swell)

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
गर्भावस्‍था या पीरियड्स के दौरान ये समस्‍या सबसे ज्‍यादा होती है।

पानी गर्म करके उसी से सेंक कर लें।
हड्डियां कमजोर होने पर पैरों में ऐंठन और दर्द होता है, ऐसे में कैल्शियम से भरपूर भोजन का सेवन करें। हर दिन ऐसा करने पर कुछ समय बाद दर्द होना बंद हो जाएगा।
खाने वाले चूने का पानी दिन में ३-४ बार लेवे |
पैरों में ऐंठन होने पर सरसों के तेल से मसाज करवा लें। इससे पैरों में रक्‍त का संचार अच्‍छी तरह हो जाता है और दर्द में राहत मिलती है।
अपनी प्रतिदिन की खुराक में नट्स, बीन्‍स, साबून अनाज वाली ब्रेड, केला और संतरों को शामिल करें। इनमें पौटेशियम और मैग्‍नीशियम, भरपूर मात्रा में होता है है जिससे पैरों में होने वाली ऐंठन में आराम मिलता है।
जिस जगह पर दर्द हो रहा हों, वहां लैवेंडर ऑयल या रोजमैरी ऑयल लगाकर मसाज करें। बाद में तौलिए से लपेट लें।
सरसों के तेल को गुनगुना करके पैरों पर लगाएं।
दिन में तीन केले प्रतिदिन खाने पर दर्द, छूमंतर हो जाएगा |
हमें डेरी उत्पादों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए जैसे दूध, दही, पनीर, चीज, मक्खन, सोया मिल्क आदि। इसके अलावा जमीन के भीतर उगने वाली सब्जियों जैसे आलू, गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर आदि में भी विटामिन बी 12 आंशिक रूप से पाया जाता है।
पैरों में दर्द होने पर सबसे पहले कारण जानने का प्रयास करें। अगर गर्भवती स्‍त्री को होता है, तो उस प्रकार का उपाय करें। बच्‍चों को होने पर उनकी मालिश करें। लेकिन अगर ये दर्द हमेशा होता है तो डॉक्‍टर से सलाह लें।
कई बार कुछ विशेष दवाओं से भी पैरों में ऐंठन होने लगती है, जैसे- गर्भनिरोधक, डिप्रेशन दूर करने वाली आदि। ऐसे में अपने डॉक्‍टर से परामर्श लें।


कमर दर्द का घरेलू उपचार | Home Remedies for Backpain, Back Pain preventive tips

Home Remedies for Back pain

~~~~~~~~~~~~
-- २ ग्राम दालचीनी का पावडर एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में दो बार लेते रहने से कमर-दर्द में शांति मिलती है।
-- कमर दर्द पुराना हो तो शरीर को गर्म रखें और गरम वस्तुएं खाऎं।
-- दर्द वाली जगह पर बर्फ़ का प्रयोग करना हितकारी उपाय है। इससे भीतरी सूजन भी समाप्त होगी। कुछ रोज बर्फ़ का उपयोग करने के बाद गरम सिकाई प्रारंभ कर देने के अनुकूल परिणाम आते हैं।
-- भोजन मे टमाटर,गोभी,चुकंदर,खीरा ककडी,पालक,गाजर,फ़लों का प्रचुर उपयोग करें।
-- नमक मिलें गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। पेट के बल लेटकर दर्द के स्थान पर तौलिये द्वारा भाप लेने से कमर दर्द में राहत मिलती है।
-- रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन—चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियाँ काली न हो जायें) गर्म कर लें फिर ठंडा कर इसकी पीठ कमर में मालिश करें।
-- कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। थोड़े मोटे सूती कपड़े में यह गरम नमक डालकर पोटली बांध लें। कमर पर इसके द्वारा सेक करें।
-- नीचे रखी कोई वस्तु उठाते वक्त पहिले अपने घुटने मोडें फ़िर उस वस्तु को उठाएं।
-- भोजन में पर्याप्त लहसुन का उपयोग करें। लहसुन कमर दर्द का अच्छा उपचार माना गया है।
-- गूगल कमर दर्द में अति उपयोगी घरेलू चिकित्सा है। आधा चम्मच गूगल गरम पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करें।

-- चाय बनाने में ५ कालीमिर्च के दाने,५ लौंग पीसकर और थौडा सा सूखे अदरक का पावडर डालें। दिन मे दो बार पीते रहने से कमर दर्द में लाभ होता है।
-- सख्त बिछोने पर सोयें। औंधे मुंह पेट के बल सोना हानिकारक है।
-- खाने वाला चुना (एक चने के बराबर) लेकर पानी से सुबह शाम लेवे |
--अजवाइन को तवे के ऊपर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें तथा ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। लगातार 7 दिनों तक यह प्रयोग किया जाए तो आठवे दिन से कमर दर्द में लाभ होता है।
-- जहां दर्द होता होता है हो वहाँ 5 मिनट तक गरम सेंक, और दो मिनट ठंडा सेंक देने से तत्काल लाभ पहुंचता है। 
-- सुबह सूर्योदय के समय 2-3 मील लंबी सैर पर जाने वालों को कमर दर्द की शिकायत कभी नहीं होगी।
-- नियमित रूप से चक्रासन करें।

सावधानियां- नीचे लिखी बातों का भी जरुर ध्यान रखें।
- नियमित रूप से पैदल चलें। यह सर्वोत्तम व्यायाम है।
- अधिक समय तक स्टूल या कुर्सी पर झुककर न बैठें।
- शारीरिक श्रम से जी न चुराएँ। शारीरिक श्रम से मांसपेशियां पुष्ट होती हैं।
- एक सी मुद्रा में न तो अधिक देर तक बैठे रहें और न ही खड़े रहें।
- किसी भी सामान को उठाने या रखने में जल्दबाजी न करें।
- भारी सामान को उठाकर रखने की बजाय धकेल कर रखना चाहिए।
- ऊंची एड़ी के जूते-चप्पल के बजाय साधारण जूते-चप्पल पहनें।
- सीढिय़ां चढ़ते-उतरते समय सावधानी बरतें।
- कुर्सी पर बैठते समय पैर सीधे रखें न कि एक पर एक चढ़ाकर।
- अधिक ऊंचा या मोटा तकिया न लगाएं। साधारण तकिए का इस्तेमाल बेहतर होता है।

Wednesday, August 5, 2015

रक्तचाप ( blood Pressure) को नियंत्रण करे ::उच्च और निम्न (high&लो)::

BP (blood Pressure) to control :: High and Low (high & low)


----दालचीनी जो मसाले के रूप में उपयोग होता है वो आप पत्थर में पिस कर पावडर बनाके आधा चम्मच रोज सुबह खाली पेट गरम पानी के साथ खाइए ; दालचीनी को शहद के साथ लीजिये (आधा चम्मच शहद आधा चम्मच दालचीनी) गरम पानी के साथ । 

-- -- मेथी दाना, मेथी दाना आधा चम्मच लीजिये एक ग्लास गरम पानी में और रात को भिगो दीजिये, रात भर पड़ा रहने दीजिये पानी में और सुबह उठ कर पानी को पि लीजिये और मेथी दाने को चबा के खा लीजिये । ये बहुत जल्दी आपकी हाई BP कम कर देगा, देड से दो महीने में एकदम स्वाभाविक कर देगा ।



---- अर्जुन की छाल --अर्जुन एक वृक्ष होती है उसकी छाल को धुप में सुखा कर पत्थर में पिस के इसका पावडर बना लीजिये । आधा चम्मच पावडर, आधा ग्लास गरम पानी में मिलाकर उबाल ले, और खूब उबालने के बाद इसको चाय की तरह पि ले । ये हाई BP को ठीक करेगा, कोलेस्ट्रोल को ठीक करेगा, ट्राईग्लिसाराईड को ठीक करेगा, मोटापा कम करता है , हार्ट में अर्टेरिस में अगर कोई ब्लोकेज है तो वो ब्लोकेज को भी निकाल देता है ।
---- लौकी का रस । एक कप लौकी का रस रोज पीना सबेरे खाली पेट नास्ता करने से एक घंटे पहले ; और इस लौकी की रस में पांच धनिया पत्ता, पांच पुदीना पत्ता, पांच तुलसी पत्ता मिलाके, तिन चार कलि मिर्च पिस के ये सब डाल के पीना .. ये बहुत अच्छा आपके BP ठीक करेगा और ये ह्रदय को भी बहुत व्यवस्थित कर देता है , कोलेस्ट्रोल को ठीक रखेगा, डाईबेटिस में भी काम आता है ।

----, बेल पत्र की पत्ते - ये उच्च रक्तचाप में बहुत काम आते है । पांच बेल पत्र ले कर पत्थर में पिस कर उसकी चटनी बनाइये अब इस चटनी को एक ग्लास पानी में डाल कर खूब गरम कर लीजिये , इतना गरम करिए के पानी आधा हो जाये , फिर उसको ठंडा करके पि लीजिये । ये सबसे जल्दी उच्च रक्तचाप को ठीक करता है और ये बेलपत्र आपके सुगर को भी सामान्य कर देगा । जिनको उच्च रक्तचाप और सुगर दोनों है उनके लिए बेल पत्र सबसे अच्छी दवा है ।

--- - देशी गाय की मूत्र पीये आधा कप रोज सुबह खाली पेट ये बहुत जल्दी हाई BP को ठीक कर देता है । और ये गोमूत्र बहुत अद्भूत है , ये हाई BP को भी ठीक करता है और लो BP को भी ठीक कर देता है - दोनों में काम आता है और येही गोमूत्र डाईबेटिस को भी ठीक कर देता है , Arthritis , Gout (गठिया) दोनों ठीक होते है । अगर आप गोमूत्र लगातार पि रहे है तो दमा भी ठीक होता है अस्थमा भी ठीक होता है, Tuberculosis भी ठीक हो जाती है । इसमें दो सावधानिया ध्यान रखने की है के गाय सुद्धरूप से देशी हो और वो गर्भावस्था में न हो ।


निम्न रक्तचाप की बीमारी के लिए दावा : 

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
--- गुड पानी में मिलाके, नमक डालके, नीबू का रस मिलाके पि लो । एक ग्लास पानी में 25 ग्राम गुड, थोडा नमक नीबू का रस मिलाके दिन में दो तिन बार पिने से लो BP सबसे जल्दी ठीक होगा ।
---- रोज अनार का रस पियो नमक डालकर इससे बहुत जल्दी लो BP ठीक हो जाती है , गन्ने का रस पीये नमक डालकर ये भी लो BP ठीक कर देता है|

---- संतरे का रस नमक डाल के पियो ये भी लो BP ठीक कर देता है , अनन्नास का रस पीये नमक डाल कर ये भी लो BP ठीक कर देता है ।

---- मिसरी और मखन मिलाके खाओ - ये लो BP की सबसे अच्छी दवा है ।
---- दूध में घी मिलाके पियो , एक ग्लास देशी गाय का दूध और एक चम्मच देशी गाय की घी मिलाके रात को पिवे ।

---- सबसे सस्ता नमक का पानी पियो दिन में दो तीन बार ।




यह आयुर्वेदिक चाय सबसे तेज़ मोटापा कम करती है

यह आयुर्वेदिक चाय सबसे तेज़ मोटापा कम करती है


यदि आप बगैर व्यायाम, योगासन आदि किए या अधिक कठिन डायटिंग किए बिना मोटापा घटाना चाहते हैं या अपने शरीर को अच्छे आकार (shape) में रखना चाहते हैं तो आपके लिए यहाँ है सरल सीधा व कारगर आयुर्वेदिक उपाय; जिसे आप घरेलू नुस्खा भी कह सकते हैं ।
वज़न कम करने में आयुर्वेद के उपाय बहुत सहायक व असरदार है आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि हम रोजाना कुछ खास किस्‍म के मसालों का प्रयोग नियमित समय पर करें, तो हमारा वजन काफी कम हो सकता है । इन मसालों में जीरा, हरी धनिया, काली मिर्च, सौंफ और दालचीनी आदि शामिल है, ये मसाले ना केवल पाचन क्रिया को दुरुस्‍त करते हैं, बल्‍कि शरीर से दूषित पदार्थ भी बाहर निकालने में सहायक होते हैं। इनसे बनी चाय नियमित रूप से पीने पर आपकी त्‍वचा भी साफ एवं स्वस्थ्य हो जाएगी ।
आइये देखें, इनकी चाय कैसे बनाए, जो मोटापा कम करे ।
सामग्री- 1 चम्‍मच जीरा, 1 चम्‍मच साबुत धनिया, 1 चम्‍मच सौंफ, 2 बारीक स्‍लाइस अदरक, 1 चम्‍मच काली मिर्च के दाने, 5-7 लौंग, 2 इंच दालचीनी का टुकड़ा एवं 1 लीटर पानी ।
विधि - सबसे पहले पानी को सभी सामग्रियों के साथ उबाल लें । जब पानी अच्‍छी तरह से उबलकर आधा रह जाय तब इसे 5 से 10 मिनट तक ढँक कर रख दें । उसके बाद इसे छानेंगे तो 4 से 6 कप चाय बनेगी, जिसे आवश्यकतानुसार 4 से 6 लोग भी पी सकते हैं या आप दिन में 3 बार दो दिन तक भी पी सकते हैं।


घर पर बनाये हर्बल साबुन ::

घर पर बनाये हर्बल साबुन ::

~~~~~~~~~~~~~~~~~~पशुओ की चर्बी से बचिये---
सामग्री :-
१. मुल्तानी मिटटी 100 ग्राम
२.शिकाकाई 50 ग्राम 
३. रीठा 25 ग्राम
४. गुलाब जल 25 ग्राम
५. बेसन 25 ग्राम
६. नारियल तेल 25 ग्राम
७. शहद 25 ग्राम
८. अलोविरा रस 25 ग्राम
९. तुलसी रस 05 ग्राम
१०.निम्बू रस 10 ग्राम
११. पसंदानुसार खुसबू
१२. फिटकरी 05 ग्राम

सबसे पहले मुल्तानी मिटटी,शिकाकाई ,रीठा को पिस कर भिंगो दे फिर उसमे सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर अपने पसंदानुसार सांचे में डाल कर सुखा लेवे |
बस ये आपके लिए 4 हर्बल साबुन तैयार हो जायेगा |
इसमे बादाम आयल , नीम का तेल व् दुसरे तेल भी डाल कर बनाया जा सकता है |


स्मरण शक्ति बढाने के सरल उपचार. how to enhance memory power?

स्मरण शक्ति बढाने के सरल उपचार. how to enhance memory power?

स्मरण-शक्ति बढाने के सरल उपचार

स्मरण शक्ति की कमजोरी या विकृति से विद्यार्थी और दिमागी काम करने वालों को असुविधाजनक स्थिति से रुबरु होना पडता है। यह कोई रोग नहीं है और न किसी रोग का लक्छण है। इसकी मुख्य वजह एकाग्रता(कन्संट्रेशन) की कमी होना है।
स्मरण शक्ति बढाने के लिये दिमाग को सक्रिय रखना आवश्यक है। शरीर और मस्तिष्क की कसरतें अत्यंत लाभदायक होती हैं। किसी बात को बार-बार रटने से भी स्मरण शक्ति में इजाफ़ा होता है और वह मस्तिष्क में द्रडता से अंकित हो जाती है। आजकल कई तरह के विडियो गेम्स प्रचलन में हैं । ये खेल भी मस्तिष्क को ताकतवर बनाने में सहायक हो सकते हैं|पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित पहेलियां हल करने से भी मस्तिष्क की शक्ति बढती है।
मैं नीचे कुछ ऐसे सरल उपचार प्रस्तुत कर रहा हूं जो मेमोरी पावर बढाने मे अत्यंत उपकारी सिद्ध होते हैं--
१) बादाम ९ नग रात को पानी में गलाएं।सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बनालें। अब एक गिलास दूध गरम करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें। इसमें ३ चम्मच शहद भी डालें।भली प्रकार उबल जाने पर उतारकर मामूली गरम हालत में पीयें। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न लें। यह स्मरण शक्ति वृद्दि करने का जबर्दस्त उपचार है। दो महीने तक करें।

२) ब्रह्मी दिमागी शक्ति बढाने की मशहूर जडी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस नित्य पीना हितकर है। इसके ७ पत्ते चबाकर खाने से भी वही लाभ मिलता है। ब्राह्मी मे एन्टी ओक्सीडेंट तत्व होते हैं जिससे दिमाग की शक्ति घटने पर रोक लगती है।
३) अखरोट जिसे अंग्रेजी में वालनट कहते हैं स्मरण शक्ति बढाने में सहायक है। नियमित उपयोग हितकर है। २० ग्राम वालनट और साथ में १० ग्राम किशमिस लेना चाहिये।
४) एक सेवफ़ल नित्य खाने से कमजोर मेमोरी में लाभ होता है। भोजन से १० मिनिट पहिले खाएं।
५) जिन फ़लों में फ़ास्फ़ोरस तत्व पर्यात मात्रा में पाया जाता है वे स्मरण शक्ति बढाने में विशेषतौर पर उपयोगी होते है। अंगूर ,खारक ,अंजीर एवं संतरा दिमागी ताकत बढाने के लिये नियमित उपयोग करना चाहिये।
६) भोजन में कम शर्करा वाले पदार्थ उपयोगी होते हैं। पेय पदार्थों में भी कम ्चीनी का प्रयोग करना चाहिये।इन्सुलीन हमारे दिमाग को तेज और धारदार बनाये रखने में महती भूमिका रखता है। इसके लिये मछली बहुत अच्छा भोजन है। मछली में उपलब्ध ओमेगा ३ फ़ेट्टी एसीड स्मरण शक्ति को मजबूती प्रदान करता है।
७) दालचीनी का पावेडर बनालें। १० ग्राम पावडर शहद में मिलाकर चाटलें। कमजोर दिमाग की अच्छी दवा है।
८) धनिये का पावडर दो चम्मच शहद में मिलाकर लेने से स्मरण शक्ति बढतीहै।
९) आंवला का रस एक चम्मच २ चम्मच शहद मे मिलाकर उपयोग करें। भुलक्कड पन में आशातीत लाभ होता है।
१०) अदरक ,जीरा और मिश्री तीनों को पीसकर लेने से कम याददाश्त की स्थिति में लाभ होता है।
११) दूध और शहद मिलाकर पीने से भी याद दाश्त में बढोतरी होती है। विद्ध्यार्थियों के लिये फ़ायदेमंद उपचार है।२५० मिलि गाय के दूध में २ चम्मच शहद मिलाकर उपयोग करना चाहिये।
१२) तिल में स्मरण शक्ति वृद्दि करने के तत्व हैं। २० ग्राम तिल और थोडा सा गुड का तिलकुट्टा बनाकर नित्य सेवन करना परम हितकार उपचार है।
१३) काली मिर्च का पावडर एक चम्मच असली घी में मिलाकर उपयोग करने से याद दाश्त में इजाफ़ा होता ह
१४) गाजर में एन्टी ओक्सीडेंट तत्व होते हैं। इससे रोग प्रतिरक्षा प्राणाली ताकतवर बनती है। दिमाग की ताकत बढाने के उपाय के तौर पर इसकी अनदेखी नहीं करना चाहिये।
१५) आम रस (मेंगो जूस) मेमोरी बढाने में विशेष सहायक माना गया है। आम रस में २ चम्मच शहद मिलाकर लेना उचित है।
१६) पौष्टिकता और कम वसा वाले भोजन से अल्जाईमर्स नामक बीमारी होने का खतरा कम रहता है और दिमाग की शक्ति में इजाफ़ा होता है इसके लिये अपने भोजन में ताजा फ़ल-सब्जियां.मछलियां ,ओलिव आईल आदि प्रचुरता से शामिल करें।
१७) तुलसी के ९ पत्ते ,गुलाब की पंखुरी और काली मिर्च नग एक खूब चबा -चबाकर खाने से दिमाग के सेल्स को ताकत मिलती है।



पति-पत्नी के बीच अच्‍छे सेक्सुअल रिलेशन


पति-पत्नी के बीच अच्‍छे सेक्सुअल रिलेशन

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
कपल्स सरल और अचूक घरेलू नुस्खों द्वारा अपनी सेक्स लाइफ को आकर्षक बना सकते हैं, आइए जानते हैं, कैसे-
* 2-4 सूखे अंजीर सुबह-शाम दूध में पकाकर खाएं और ऊपर से दूध पीएं। इसके सेवन से शरीर में नई शक्ति आती है।
* 7-7 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण, मिश्री और शहद लेकर इसमें 15 ग्राम गाय का घी मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है।
* 50 ग्राम उड़द या उड़द की दाल को पानी में भिगोकर छिल्का निकाल लें, फिर इसे घी में भूनकर दूध, शकर, बादाम, मुनक्का आदि डालकर खीर बनाकर खाएं। इसका नियमित सेवन करने से महिला व पुरुष दोनों का सेक्सुअल पॉवर बढ़ता है।
* 10-10 ग्राम शहद, अदरक का रस व प्याज का रस और 5 ग्राम घी- सबको एकसाथ मिलाकर सेवन करने से सेक्सुअल पावर बढ़ता है। इस नुस्खे का इस्तेमाल नियमित रूप से 21 दिन तक सुबह के समय करना चाहिए