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Wednesday, January 7, 2015

मकरासन (Makrasana)


मकरासन(Makrasana)
विधिः 
        पेट के बल लेट जाइए। दोनों हाथ को कोहनियों को मिलाकर स्टैंड  बनाते हुए हथेलियों को ठोडी के निचे लगाइए। छाती को ऊपर उठाइए। कोहनियों एवं पैरों को मिलाकर रखें। 



अब श्वास भरते हुए पैरो को क्रमशः पहले एक-एक तथा बाद में दोनों पैरों को एक साथ मोड़ना है। मोड़ते समय पैरो को एड़ियां नितम्ब से स्पेर्श करें। श्वास बाहर निकालते हुए पैरों को सीधा करें। इस प्रकार से ये आसान २०-२५ बार करें। 



लाभ:
१.     स्लिपडिस्क(SLEEPDISC) एवं सियाटिका(SIYATIKA)  दर्द मैं विशेष उपयोगी है।
२.     अस्थमा(Asthma) व् फेफड़े(Lung) सम्बन्धी किसी भी विकार तथा घुटनों(knee) के दर्द के लिए लाभकारी है। 

Saturday, November 15, 2014

आभ्यन्तरवृति प्रणायाम

आभ्यन्तरवृति प्रणायाम 

विधि:

१.   ध्यानात्मक आसन में  बैठकर श्वास को बहार निकालकर पून: जितना भर सकते हैं, अन्दर  भर लीजिये। छाती ऊपर उभरी हुई तथा पेट का निचे वाला भाग भीतर सिकुड़ा हुवा होगा। श्वास अंदर भर कर जालंधर बंध व् मूलबन्ध लगाए। 
२.   यथाशक्ति श्वास को अंदर रोककर रखिये।  जब छोड़ने की इच्छा हो तब जालंधर बन्ध को हटाकर धीरे-धीरे  श्वास को बाहर निकाल दीजिये। 

लाभ:
         दमा के रोगियो के एवं फेफड़ा सम्बन्धि के लिये अत्यंत लाभदाई है।शरीर में शक्ति,कान्ति  की वृद्धि करता है।